असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों से बाढ़ का पानी उतरने लगा है, हालांकि हजारों लोग अब भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। राज्य के सबसे अधिक प्रभावित जिलों Sivasagar, Golaghat, Jorhat और Charaideo में बनाए गए 109 Relief Camps में 37 हजार से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें अकेले Sivasagar जिले के 66 राहत शिविरों में 30 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने और सामान्य जनजीवन बहाल करने के लिए मिशन मोड में काम कर रहा है।
Relief Camps में जारी राहत कार्य
राज्य सरकार के विभिन्न विभाग प्रभावित इलाकों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटे हुए हैं। जरूरतमंद लोगों तक खाद्य सामग्री, पेयजल और अन्य आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं। सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ कई गैर-सरकारी संगठन (NGOs) और सामाजिक संस्थाएं भी राहत सामग्री वितरित कर रही हैं। प्रशासन का फोकस प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने पर है।
Flood Death Toll बढ़कर 68 पहुंचा
स्थिति में सुधार के बीच बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। Charaideo जिले के Sonari क्षेत्र में दो और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। Assam State Disaster Management Authority (ASDMA) के अनुसार सोमवार सुबह तक अधिकांश प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही थीं। हालांकि Golaghat जिले के Numaligarh में Dhansiri River अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
बिजली बहाली और सामान्य स्थिति पर फोकस
मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने कहा कि बाढ़ का पानी घटने के साथ प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने और प्रभावित समुदायों को राहत पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन को जल्द बहाल करना है।







