सहारनपुर के Gangoh Police ने 9.30 लाख रुपये की चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए एक शातिर नकबजन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर ₹6.40 लाख नकद, चोरी किया गया OnePlus Mobile, चोरी के पैसों से खरीदी गई Discover Motorcycle, एक अन्य मोबाइल फोन, वादी का Aadhaar Card और PAN Card बरामद किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया जा रहा है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में BNS की धारा 317(2) भी बढ़ाई गई है।
30 जून की चोरी का हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार 30 जून 2026 को ग्राम लखनौती निवासी अरविन्द्र कुमार ने थाना Gangoh में शिकायत दर्ज कराई थी कि 29/30 जून की रात अज्ञात चोर उनके घर में घुसकर अलमारी में रखे ₹9.30 लाख नकद और OnePlus Mobile चोरी कर ले गए। इस शिकायत पर थाना Gangoh में मु0अ0सं0 323/26 के तहत धारा 305(a) BNS में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, क्षेत्राधिकारी Gangoh और प्रभारी निरीक्षक इन्द्रेश कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच शुरू की गई। मुखबिर की सूचना पर 29 जुलाई 2026 को पुलिस ने कस्बा Gangoh के मोहल्ला बाहुद्दीन से आरोपी बिलाल पुत्र उस्मान को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।

चोरी के पैसों से खरीदी थी Bike और Mobile
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी बिलाल ने बताया कि वह नशे का आदी है और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए चोरी करता है। आरोपी के मुताबिक, घटना वाली रात वह ट्रैक्टर-ट्रॉली से गांव लखनौती पहुंचा और एक मकान की दीवार फांदकर घर के अंदर दाखिल हुआ। उसने एक महिला के पास रखा मोबाइल फोन उठाया और अलमारी की चाबी से लॉकर खोलकर नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गया। आरोपी ने बताया कि उसने चोरी की रकम को Gangoh के एक खंडहर में छिपा दिया था और जरूरत के अनुसार वहां से पैसे निकालकर खर्च करता रहा। इसी रकम से उसने एक Second Hand Discover Motorcycle और एक अन्य मोबाइल फोन भी खरीदा, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।
आरोपी का Criminal Record भी आया सामने
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी बिलाल पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ Gangoh थाना में चोरी, Arms Act और अन्य मामलों में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक इन्द्रेश कुमार, निरीक्षक लाल सिंह, उपनिरीक्षक बिलेश कुमार, उपनिरीक्षक प्रेमपाल सिंह, हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार और हेड कांस्टेबल संजीव कुमार शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और उसे समय से न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।







