करीब ₹12 हजार करोड़ की लागत से बने Delhi-Dehradun Expressway में उद्घाटन के महज साढ़े तीन महीने बाद कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं। पहली बारिश के बाद Approach Road धंसने, Flyover में दरारें आने और कई स्थानों पर पानी के रिसाव की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने इन कमियों पर चिंता जताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं, NHAI का कहना है कि प्रभावित हिस्सों की मरम्मत जल्द कर दी जाएगी और निर्माण गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया है।
Approach Road धंसी
सहारनपुर के बिहारीगढ़ Flyover की Approach Road कई स्थानों पर धंस गई है। सड़क की बजरी उखड़कर मार्ग पर फैल गई है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है, लेकिन प्रभावित हिस्से से गुजरते समय वाहन चालकों को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर भी तेज झटके महसूस हो रहे हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोग जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
Flyover में दरारें
यह पहली बार नहीं है जब इस एक्सप्रेसवे पर ऐसी समस्या सामने आई हो। कुछ दिन पहले भी बिहारीगढ़ Flyover का करीब 100 मीटर हिस्सा धंस गया था, जिसके बाद NHAI ने खुदाई कर मरम्मत कराई थी। अब देवबंद-नानौता मार्ग स्थित बड़गांव Interchange Flyover में भी दरारें दिखाई दी हैं। इसके अलावा गर्डरों के बीच बने हिस्सों से बारिश का पानी टपकता नजर आया। मामला सामने आने के बाद NHAI ने प्रभावित हिस्सों पर पैचिंग और मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया है।
जलभराव से बढ़ी चिंता
एक्सप्रेसवे की Service Road पर रसूलपुर कलां और अमानतगढ़ सहित कई स्थानों पर जलभराव की समस्या भी सामने आई है। लगातार पानी जमा रहने से सड़क को नुकसान पहुंच रहा है और स्थानीय लोगों के साथ वाहन चालकों को भी आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि जल्दबाजी में निर्माण कार्य पूरा किया गया, जिसके कारण पहली ही बारिश में कई कमियां सामने आ गईं। उनका कहना है कि समय रहते इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
NHAI ने दी सफाई
NHAI के सलाहकार रजनीश कुमार ने कहा कि बारिश के मौसम में मिट्टी में नमी आने के कारण इस प्रकार की समस्याएं सामान्य रूप से देखने को मिल सकती हैं। उनके अनुसार इसे निर्माण गुणवत्ता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि परियोजना में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया गया है और जिन स्थानों पर समस्या सामने आई है, वहां मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। हालांकि, पहली ही बारिश में सामने आई इन खामियों के बाद एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है।







