Students Federation of India (SFI) की जिला संयोजन समिति के नेतृत्व में शुक्रवार को सहारनपुर में NEET Paper Leak, छात्र दमन और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला गया। यह मार्च रामलीला मैदान, हकीकत नगर से शुरू होकर जिला मुख्यालय तक पहुंचा। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की तथा अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने की बात कही।
प्रदर्शन के दौरान लगे नारे
आक्रोश मार्च के दौरान छात्रों ने “शिक्षा पर हमला बंद करो”, “Paper Leak बंद करो”, “छात्र एकता जिंदाबाद” और “लोकतंत्र पर हमला बंद करो” जैसे नारे लगाए। SFI नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उनका कहना था कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय सरकार दमनात्मक रवैया अपना रही है। प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।
ज्ञापन में उठाईं ये मांगें
राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षा मंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई। इसके अलावा सभी Paper Leak मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमों की वापसी तथा छात्र आंदोलनों पर दमन रोकने की मांग भी शामिल रही। SFI का कहना है कि इन मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाना चाहिए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
SFI पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार छात्रों की मांगों की लगातार अनदेखी करती रही, तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और व्यापक किया जाएगा। इस अवसर पर SFI के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम को किसान सभा, खेत मजदूर यूनियन तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिला। हालांकि, संगठन ने अपने ज्ञापन में उठाई गई मांगों को लेकर सरकार से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा जताई।






